कम होगी Jet Airways कर्मचारियों की मुसीबत!, बैंक दे सकते हैं कर्ज
Date: 23/04/2019
कर्ज में डूबी एयरलाइन जेट एयरवेज के जमीन पर खड़े हो जाने के बाद उसके करीब 22 हजार से अधिक कर्मचारियों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इस बीच उम्मीद है कि जेट एयरवेज को कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के लिए बैंक कुछ रकम कर्ज पर दे सकते हैं. बैंकिंग क्षेत्र की सबसे बड़ी यूनियन ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (एआईबीईए) के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने यह जानकारी दी है. वेंकटचलम के मुताबिक यह राशि कर्जदाताओं के संघ द्वारा संकटग्रस्ट जेट एयरवेज के कर्मचारियों के प्रॉविडेंड फंड या ग्रेच्युएटी गिरवी रखकर दी जा सकती है.
विशेष कर्ज सुविधा उपलब्ध कराने की अपील
बैंक यूनियनों ने बैंकों से जेट एयरवेज के कर्मचारियों के लिए विशेष कर्ज सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की है. इससे पहले बैंक यूनियनों ने पीएम नरेन्द्र मोदी को भी पत्र लिखा था. इस पत्र में यूनियन की ओर से सरकार से जेट एयरवेज का नियंत्रण अपने हाथों में लेने की अपील की गई थी ताकि एयरलाइन के कर्मचारियों के रोजगार को सुरक्षित रखा जा सके. बैंक यूनियनों ने यह भी कहा है कि जेट एयरवेज के कर्मचारियों के बकाया वेतन और कुछ अन्य भुगतानों को चुकाने के लिये बैंक उचित गारंटी के साथ एयरलाइन को खास तरह की कर्ज सुविधा उपलब्ध करा सकते हैं.
स्लॉट आवंटन का विरोध
जेट एयरवेज के कर्मचारी संघ ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से अपील की है कि जब तक कंपनी में हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक उसे मिले उड़ान के समय को दूसरी विमानन कंपनियों को आवंटित नहीं करे. ऑल इंडिया जेट एयरवेज टेक्नीशियंस एसोसिएशन (एआईजेएटीए) ने चेतावनी दी कि यदि आवंटित समय का दूसरी कंपनियों को आवंटन नहीं रोका जाता है तो उसे इसके समाधान के लिए विधिक तरीके अपनाने होंगे. एआईजेएटीए ने एक पत्र में लिखा- जब तक कंपनी की नीलामी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और कंपनी के मूल्यों की रक्षा के लिए यह रोक लगायी जानी चाहिए. अगर ऐसा नहीं होता है तो हमें इसके लिए कानून के दरवाजे खटखटाने पड़ेंगे.
वहीं अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) ने कहा कि जेट एयरवेज के कर्मचारी अचानक से खुद को बिना किसी सहारे के पा रहे हैं.एटक का कहना है कि सभी संबंधित कर्मचारियों को उपयुक्त तरीके से सरकारी नौकरियों में शामिल किया जाना चाहिए, लेकिन सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर जेट एयरवेज, आईएलएफएस जैसी निजी कंपनियों को राहत पैकेज देने के लिए दबाव नहीं बनाना चाहिए.
यात्रियों के लिए हाईकोर्ट में याचिका
वहीं यात्रियों के हितों के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका में नागर विमानन मंत्रालय एवं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि जिन यात्रियों ने जेट एयरवेज के टिकट खरीदे हैं उनके या तो पैसे वापस किए जाएं अथवा उनकी यात्रा के लिए कोई विकल्प उपलब्ध करवाया जाए. इस याचिका में कहा गया है कि जेट एयरवेज की सेवाओं को अचानक निलंबित कर दिये जाने से यात्रियों के लिए एक बड़ा संकट पैदा हो गया है. इस याचिका पर संभवत: 24 अप्रैल के सुनवाई होने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार को आयोजित की जाने वाली जन चौपाल को स्थगित कर दिया गया है। बुधवार 10 जुलाई को कल मुख्यमंत्री निवास पर ये जनचौपाल आयोजित होना थी। जनचौपाल के तहत भेंट-मुलाकात का आयोजन अपरिहार्य कारणों से ... Read More
कॉमेडी के बादशाह कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर लंबे समय के बाद जल्द ही एकसाथ नजर आएंगे. जानकारी के मुताबिक सुपर स्टार सलमान खान ने दोनों के बीच सुलह कराई है.
इस बारे में कपिलि शर्मा ने कहा कि सुनील अपने एक शो में बिजी ह ... Read More
रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए नौकरी पाने का सुनहरा अवसर आया है। जगदलपुर रोजगार कार्यालय में 10 जुलाई को प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में कई प्राइवेट कंपनियां हिस्सा लेंगी। कैंप में 190 पदों पर भर्ती किया ... Read More
कॅान्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष मगेलाल मालू , प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंह देव, प्रदेश महामंत्री जितेन्द्र दोशी, प्रदेश कार्यकारी महामंत्री ... Read More